Asthma In Hindi ( दमा ) - अस्थमा के लक्षण , कारण , बचाव , इलाज और घरेलू नुस्खे

Asthma In Hindi ( दमा ) - अस्थमा के लक्षण , कारण , बचाव , इलाज और घरेलू नुस्खे


आज की दुनिया में अस्थमा जैसा रोग लोगों के लिए सामान्य होता जा रहा है। जबकि अस्थमा या दमा एक घातक बीमारी है। इस बीमारी में व्यक्ति को सांस लेना मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह बीमारी हमारे वायु मार्ग से संबंधित होती है। अस्थमा रोग बच्चे , जवान , महिला , और बुजुर्ग किसी को भी अपना शिकार बना सकता है और भारत जैसे देश में जो वर्तमान में विकास की ओर अग्रसर है वहां की जलवायु में इसकी संख्या बढ़ती जा रही है। आपको अस्थमा जैसे घातक रोग के बारे में अवश्य जानकारी होनी चाहिए। आज हम आपको ' Asthma In Hindi ( दमा ) - अस्थमा के लक्षण , कारण , बचाव , इलाज और घरेलू नुस्खे ' को विस्तार से समझाएंगे।

    Asthma In Hindi ( दमा ) : अस्थमा के लक्षण , कारण , बचाव , इलाज और घरेलू नुस्खे


    यदि हम अस्थमा रोग की भारत में बात करें तो ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 130 करोड़ लोगों में से लगभग 6% बच्चे और 2% वयस्कों को अस्थमा यानी दमा की बीमारी है। लोगों के मन में अस्थमा का खतरा बना हुआ है इसी कारण से लोग अपनी बीमारी को छुपाते हैं और उसका पूर्ण रूप से इलाज नहीं करवा पाते हैं। इस बीमारी से बचाव और इलाज के लिए पहले आपको इसे अच्छी तरह समझना होगा।

    आखिर अस्थमा ( दमा ) क्या है ? : What Is Asthma In Hindi

    > जब एक व्यक्ति सामान्य रूप से सांस लेता है तो हवा आपके नाक या मुंह से होते हुए गले , उसके बाद वायु मार्ग और अंत में जाकर फेफड़ों तक पहुंचती है। फेफड़ों में ऑक्सीजन को रक्त तक पहुंचा दिया जाता है।

    > परंतु अस्थमा रोग होने पर वायु मार्ग में सूजन आने लगती है और वहां की मांसपेशियां बहुत ज्यादा कस जाती हैं। इसमें आपको बहुत ज्यादा बलगम बनने लगता है। इसी कारण सूजन और बलगम होने से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है क्योंकि अब हवा जाने की मात्रा काफी कम हो जाती है। अस्थमा रोग के कारण व्यक्ति का सांस लेना काफी कठिनाई का काम हो जाता है।

    > अस्थमा से पीड़ित लोगों को कभी भी अचानक अस्थमा अटैक हो सकता है जिसमें अचानक तेज खांसी सांस आना , सीने में जकड़न और दर्द होना जैसे लक्षण होते हैं।

    > अस्थमा के कई प्रकार होते हैं और सभी प्रकार अलग-अलग लक्षण के साथ होते हैं जिन का इलाज उन लक्षणों का पता करके  ही किया जाता है। जैसे कि - 

    ● ऑक्यूपेशनल अस्थमा
    ● एलर्जीक अस्थमा
    ● ईआईबी अस्थमा
    ● एस्प्रिन इंड्यूस्ड अस्थमा
    ● कफ वैरीअंट अस्थमा
    ● नोक्टर्नल अस्थमा
    ● नॉन एलर्जीक अस्थमा

    > सामान्य रूप से अस्थमा फेफड़ों में मौजूद ब्रोंकाइ को प्रभावित करता है जो फेफड़ों का प्रमुख हिस्सा होती है।

    अस्थमा ( दमा ) के मुख्य लक्षण ( Main Symptoms Of Asthma In Hindi )

    Asthma In Hindi ( दमा ) - अस्थमा के लक्षण , कारण , बचाव , इलाज और घरेलू नुस्खे


    इस बीमारी में व्यक्ति को कई प्रकार के लक्षण देखने को मिल सकते हैं। यानी जिस प्रकार का अस्थमा होगा वैसे ही लक्षण देखने को मिलेंगे। यदि आपको किसी भी प्रकार के अस्थमा के लक्षण महसूस होते हैं तो तुरंत ही अपने डॉक्टर को दिखाएं । जिससे आप अस्थमा के घातक दौरे से बच सकते हैं । ज्यादातर लोगों में निम्नलिखित लक्षण देखने को मिलते हैं -

    > अधिकतर सांस फूलना।

    > लंबे समय से खांसी होना या मुंह खोलते समय खांसी आना।

    > निरंतर बलगम होना।

    > थकान महसूस होना।

    > सांस लेते समय सीटी की आवाज आना।

    > घबराहट होना।

    > कार्य करते समय सांस लेने में कठिनाई होना।

    > बातचीत करने में समस्या होना।

    > खाने पीने में समस्या होना।

    > हर समय जी मचलना।

    अस्थमा ( दमा ) के मुख्य कारण : Main Causes Of Asthma In Hindi 

    अस्थमा किसी भी आयु वर्ग और लिंग के लोगों को अपना शिकार बना सकता है और इसके कई कारण हो सकते हैं। अस्थमा या दमा के कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं -

    > बचपन में किसी व्यक्ति को वायरल संक्रमण होने के कारण अस्थमा उत्पन्न हो सकता है।

    > यदि आपके बुजुर्गों या माता-पिता मैं से किसी को अस्थमा है तो अनुवांशिकता के कारण यह आपको भी हो सकता है।

    > व्यक्ति का कफ सूख जाने के कारण भी अस्थमा रोग हो जाता है।

    > नशीले पदार्थों का ज्यादा सेवन करने के कारण अस्थमा रोग हो सकता है।

    > ज्यादा गंदे और धूल वाले इलाके में रहने के कारण भी आप दमा के शिकार हो सकते हैं।

    > अधिक धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को अस्थमा रोग हो सकता है।

    > ज्यादा समय प्रदूषित क्षेत्र में व्यतीत करना।

    > कम इम्यूनिटी का होना।

    > व्यक्ति के अंदर अधिक ठंड बैठ जाना।

    > लंबे समय तक खांसी जुकाम का स्थाई होना।

    अस्थमा ( दमा ) से बचाव : Prevention Of Asthma In Hindi

    यदि अस्थमा या दमा जैसे खतरनाक लगों से बचाव नहीं किया जाता है तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए जानलेवा भी सिद्ध हो सकते हैं। इस रोग में व्यक्ति को सांस लेने में अत्यंत कठिनाई हो जाती है जो बहुत खराब स्थिति हो सकती है। अस्थमा से प्रमुख बचाव निम्नलिखित है -

    > जिस चीज से आपको एलर्जी होती है हमेशा उससे बचकर कहने से इसका बचाव किया जा सकता है।

    > ज्यादा बदबू या महक वाली जगह जाने से बचना।

    > ज्यादा बलगम ना जमने देना।

    > एलर्जी को खत्म करने की दवाइयां लेना।

    > ज्यादा ठंडी चीजें ना खाना।

    > खाने पीने में तरल पदार्थों का ज्यादा प्रयोग करना।

    > अपनी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाना।

    अस्थमा ( दमा ) का सफल इलाज : Treatment Of Asthma In Hindi

    यदि आप या आपका कोई संबंधी अस्थमा से ग्रस्त है तो तुरंत ही इसका इलाज शुरू करवाएं। अस्थमा को छुपाए नहीं बल्कि इसका पूर्ण रूप से इलाज करवाएं जिससे आप भविष्य में आने वाले संकट को टाल सकते हैं। अस्थमा या दमा के कुछ सफल इलाज निम्नलिखित हैं -

    > अस्थमा रोग हो जाने पर आपको हमेशा अस्थमा इनहेलर अपने पास रखना चाहिए यह बहुत ही कारगर इलाज है। अस्थमा इनहेलर के माध्यम से दवाई आसानी से फेफड़ों तक पहुंच जाती है। इनहेलर कई प्रकार के आते हैं इसीलिए यह आपको अपने डॉक्टर से सलाह करने के बाद ही लेने चाहिए।

    > अस्थमा के पूर्ण इलाज के लिए आपको अस्थमा की दवाइयां खानी पड़ेगी। अस्थमा की दवाइयां काफी हद तक आपका जीवन सरल कर देती हैं जिनकी सहायता से आप को सांस लेने में तकलीफ नहीं होती है। अस्थमा के दौरान दी जाने वाली कुछ दवाइयां - 1. ब्रोंकॉङायलेटर्स - यह दवाइयां सांस लेने के वायु मार्ग की सभी मांसपेशियों में आराम पहुंचाती है जो कसी हुई स्थिति में होती हैं। इसके अलावा 2. स्टेरॉइड और एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स - यह दवाइयां वायु मार्ग की सूजन कम करने के लिए दी जाती हैं। यह दवाइयां एक अस्थमा के मरीज के लिए सफल इलाज सिद्ध होती हैं जिनसे जल्द ही राहत मिल जाती है।

    > कई स्थिति में डॉक्टर अस्थमा के मरीज के लिए थेरेपी का इलाज भी बताते हैं। यह थेरेपी आसानी से घर पर भी की जा सकती है।

    > अस्थमा का पूर्ण रूप से इलाज करने के लिए आपको अस्थमा के योग आसन नियमित रूप से करने होंगे। इनसे आपको निश्चित रूप से लाभ होगा।

    > गंभीर स्थिति में डॉक्टर आपके स्वास्थ्य को देखते हुए अस्थमा नेबुलाइजर लिख सकते हैं। यह एक छोटे साइज की मशीन होती है जिसमें दवाई डाल कर एक नली के माध्यम से मास्क लगाकर सांस के साथ दवाई को अंदर फेफड़ों तक पहुंचाया जाता है। इसमें दवाई भाप के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंचाई जाती है और यह मुख्य रूप से छोटे बच्चे के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मशीन बिजली द्वारा चलती है।

    अस्थमा ( दमा ) के घरेलू नुस्खे : Home Remedies For Asthma In Hindi

    भारत जैसे देश में ज्यादातर हर बीमारी का इलाज घरेलू उपचार के माध्यम से संभव होता है। इसी प्रकार अस्थमा जैसी घातक बीमारी के इलाज के लिए कुछ घरेलू नुस्खे निम्नलिखित हैं -

    > रोजाना आधा गिलास पानी में 4 से 5 लोंग डालकर उबालें और इसे छानकर शहद मिलाकर नियमित रूप से पिए इससे अस्थमा रोग में निश्चित ही आपको फायदा होगा

    > अस्थमा अटैक होने के दौरान एक चम्मच हल्दी को दो चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से तुरंत राहत मिलती है।

    > गरम कॉफी का सेवन करने से श्वास नली साफ होती है और अस्थमा में आराम मिलता है।

    > सरसों के तेल में कपूर डालकर तेज गर्म कर ले उसके बाद ठंडा होने पर नियमित रूप से रोजाना छाती पर इसकी मालिश करें यह इलाज आपको काफी राहत देगा।

    > नियमित रूप से तुलसी के पत्ते पीसकर शहद मिलाकर खाने से अस्थमा रोग में आराम मिलता है।

    अस्थमा ( दमा ) के बारे में पूछे गए प्रश्न -

    अस्थमा की क्या पहचान है ?

    - सांस लेने में दिक्कत , खांसी , थकावट आदि।

    अस्थमा के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए ?

    - अस्थमा के मरीज हो अंडा , गेहूं , पपीता , केला , चावल , दही और सोया आदि चीजें नहीं खानी चाहिए।

    अस्थमा की सबसे अच्छी दवा कौन सी है ?

    - बुडैसोनाइड , सिकलसोनाइड , फ्लाइक्टासोन , मोमेटासोन आदि दवाइयां सबसे कारगर दवाइयां है।

    अस्थमा में कौन सा फल अच्छा है ?

    - अस्थमा मरीज के लिए सबसे अच्छा फल संतरा है जिसमें विटामिन सी होती है।

    अस्थमा के लिए कौनसी पतंजलि दवा सबसे अच्छी है ?

    - अस्थमा के मरीजों के लिए पतंजलि की Divya Swasari Pravahi दवाई सबसे अच्छी मानी जाती है ।


    दोस्तों मैं आशा करता हूं आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपना फीडबैक कमेंट करें।

    धन्यवाद 



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